बीकानेर में पले-बढ़े डॉ. जयकिशन सुथार राजस्थान के उन विरले चिकित्सकों में से हैं जिन्होंने प्रशिक्षण पूर्ण होते ही अपने शहर लौटने का निर्णय लिया। यह निर्णय आसान नहीं था — जयपुर और मुंबई में बेहतर अवसर थे। लेकिन उनका मानना था कि पश्चिमी राजस्थान को एक हृदय सर्जन की ज़रूरत है जो यहाँ रहे, यहाँ के लोगों को जाने और लंबे समय के लिए जड़ें जमाए।

वर्षों में उन्होंने देखा है कि बड़ी बीमारियों का इलाज अक्सर देर से होता है — इसलिए नहीं कि इलाज उपलब्ध नहीं है, बल्कि इसलिए कि जानकारी नहीं पहुँचती, पहुँच नहीं होती। चिकित्सा उनका पेशा है। उस दूरी को पाटना उनका ध्येय।