डॉ. जयकिशन सुथार बीकानेर के एक साधारण परिवार से हैं। शहर की पुरानी
गलियों, सादुल स्कूल की कक्षाओं और राजस्थान की गर्मियों ने उन्हें वह समझ दी जो किताबों
से नहीं मिलती — कि इस भूमि के लोग कितने कठोर हैं, और उनकी ज़रूरतें कितनी असली।
एम.बी.बी.एस. के लिए वे गुजरात गए, भावनगर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में। एम.एस. के लिए
बीकानेर के सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में। और जब एम.सी.एच. प्रवेश परीक्षा में पूरे राजस्थान
में पहला स्थान आया, तो जयपुर के एस.एम.एस. मेडिकल कॉलेज के दरवाज़े खुले — उस विभाग के,
जहाँ से राजस्थान के सबसे बेहतर कार्डियक सर्जन निकले हैं।
परिचय
A Journey Defined by Purpose
डॉ. जयकिशन सुथार
बीकानेर से गए, पढ़े, और वापस आ गए। यह सीधी-सी बात है — पर इसे बनाए रखना आसान नहीं था।
प्रारंभिक जीवन
बीकानेर का बेटा —
जो लौट आया
वापसी का निर्णय
लौटने का फ़ैसला
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद लौटने का निर्णय उन्होंने सोचकर लिया था।
बीकानेर में तब कोई पूर्णकालिक कार्डियक सर्जन नहीं था। जिस मरीज़ को बायपास सर्जरी
चाहिए थी, उसे जयपुर या जोधपुर जाना पड़ता था — अगर उसके पास साधन हों, तभी।
उन्होंने यह दूरी बंद करने का काम अपने हाथ में लिया।
चिकित्सा-दर्शन
जो काम ने सिखाया
Medicine has taught me to look at a patient and see not just a
disease, but a story — where they came from, what they could afford, how long they
waited before coming in, and what will happen to their family if they don't make it
through. That is not a clinical question. It is a human one.
जितने साल इस काम में बिताए हैं, उतने में यह समझ में आया है कि अच्छी चिकित्सा
अकेले नहीं होती। उसे एक बेहतर व्यवस्था चाहिए — जागरूक समुदाय, पहुँच में स्वास्थ्य
सेवाएँ, और ऐसे निर्णय-निर्माता जो ज़मीनी सच्चाई समझते हों।
चिकित्सा शिक्षा
Qualifications
M.Ch. — Cardio Thoracic & Vascular Surgery
S.M.S. Medical College, Jaipur. पूरे राजस्थान में प्रथम स्थान — प्रवेश परीक्षा में।
M.S. — General Surgery
Sardar Patel Medical College, Bikaner.
M.B.B.S.
Government Medical College, Bhavnagar, Gujarat.
Senior Secondary
Sadul School, Bikaner.
व्यावसायिक यात्रा
Professional Journey
Director
Bikaner Heart & Super Speciality Hospital — a unit of Bikaner Super Speciality Healthcare and Education LLP.
Director & H.O.D., CTVS
Apex Hospital, Bikaner. बीकानेर में पूर्ण CTVS विभाग की स्थापना।
Assistant Professor, CTVS
Haldiram Moolchand Heart Hospital, PBM, Bikaner. शल्य चिकित्सा के साथ-साथ अध्यापन।
S.M.S. Jaipur · PBM Bikaner · Apex Group
Open-heart, Fontan, CABG — Dr. Anil Sharma के मार्गदर्शन में विशेष प्रशिक्षण।
व्यावसायिक प्रोफ़ाइल
Professional Profile
योग्यता, विशेषज्ञता और संस्थागत जुड़ाव।
MBBS · MS (General Surgery) · M.Ch. (CTVS)
GMC Bhavnagar · SPMC Bikaner · SMS Medical College Jaipur
Cardiac & Cardiothoracic Surgery
CABG, valve surgery, congenital and paediatric cardiac care, minimally invasive cardiac surgery, thoracic and endovascular procedures.
Bikaner Heart & Super Speciality Hospital
Previously: Apex Hospital Bikaner · Haldiram Moolchand Heart Hospital PBM · SMS Medical College Jaipur
17+ वर्ष · 4000+ हृदय ऑपरेशन
Over 100 open-heart procedures a year; more than 700 open-heart surgeries in a seven-month period.
व्यावसायिक सदस्यता
Regular participant — IACTS (Indian Association of Cardiovascular and Thoracic Surgeons) CME programmes and annual conferences. Memberships being updated.
पाँच शोध पत्र — मिनिमली इनवेसिव वाल्व सर्जरी
Two currently under review with EJCTVS and Annals CTS.
ऑपरेशन थियेटर के परे
जब चिकित्सा काफी नहीं होती
Medicine has taught me to look at a patient and see not just a
disease, but a story — where they came from, what they could afford, how long they
waited before coming in, and what will happen to their family if they don't make it
through. That is not a clinical question. It is a human one.
जितने साल इस काम में बिताए हैं, उतने में यह समझ में आया है कि अच्छी चिकित्सा
अकेले नहीं होती। उसे एक बेहतर व्यवस्था चाहिए — जागरूक समुदाय, पहुँच में स्वास्थ्य
सेवाएँ, और ऐसे निर्णय-निर्माता जो ज़मीनी सच्चाई समझते हों।
बाहर से देखा
सत्रह साल में जो
दिखा और जो सीखा
हर मरीज़ एक सबक होता है — उनसे जितना मैंने सीखा है, शायद किताबों से उतना नहीं।
जो दिखता है
देर से आने की वजह अक्सर दूरी नहीं होती
लोग देर से आते हैं — यह सच है। लेकिन वजह अक्सर दूरी नहीं होती। घर में किसी ने नहीं पहचाना कि यह गंभीर है। या डर था कि डॉक्टर बड़ी बात बताएगा। या पैसे नहीं थे और उम्मीद थी कि ठीक हो जाएगा। यह जागरूकता की समस्या है — और इसका इलाज शिविरों से भी होता है, और उस भरोसे से भी जो एक जाना-पहचाना डॉक्टर दे सकता है।
परिवार की भूमिका कम आँकी जाती है
मरीज़ की रिकवरी में सबसे बड़ा हिस्सा उसके घर का होता है — पर हम अक्सर परिवार को सिर्फ "देखभाल करने वाले" की भूमिका में रखते हैं। जब परिवार समझता है — बीमारी क्या है, दवा क्यों है, क्या करना है और क्या नहीं — तब नतीजे बेहतर होते हैं।
जो सोचता हूँ
एक डॉक्टर जो सिर्फ ऑपरेशन करे — क्या वह काफी है?
सर्जरी मैं अच्छी कर सकता हूँ। लेकिन अगर वही मरीज़ तीन साल बाद इसलिए वापस आए क्योंकि उसके गाँव में फ़ॉलो-अप का कोई रास्ता नहीं था — तो मेरा काम अधूरा है। चिकित्सा एक तंत्र की माँग करती है — सिर्फ एक कुशल हाथ की नहीं।
बीकानेर बदल सकता है — अगर उसे वो मिले जो उसे मिलना चाहिए
यह शहर साधन नहीं, इच्छाशक्ति माँगता है। जब मैंने यहाँ कार्डियक सर्जरी शुरू की, लोगों ने कहा: यहाँ मरीज़ नहीं मिलेंगे। मरीज़ तो थे — बस उन्हें पता नहीं था कि यहाँ इलाज होता है। पहचान बनती है — काम से, भरोसे से, और उपस्थिति से।